लर्जिश उसके होठों की,

लर्जिश उसके होठों की, 
यूँ तो बहुत कुछ कहती थी
मगर  मैंने  जो  समझा,
मुझे  तो प्यार  ही  लगा

आँखो  नें  उसकी  न  
जानें  क्या-क्या  कहा
ख़ामोशी में मुझे उसकी, 
उसका इक़रार ही लगा
चुपचाप देर तक खड़े रहना 
और फिर...... चले जाना
उसका दिल अब भी मुझे, 
मेरे लिए बेक़रार ही लगा

मिलता है बहुत लोगों से वो, 
मगर देर तक बातें नहीं करता
तन्हाई में रहना उसका हर वक्त,
मुझको मेरा इन्तज़ार ही लगा

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