किसी भी आयु में किये जाने वाले प्रेम की भी होती है एक आयु मिलन,विछोह,संवेदना आकुलता,विकलता आदि जी सकता है सारे भाव हर प्रेमी किसी भी आयु में किये जाने वाले प्रेम में स्नेह,सानिध्य अनुराग,समर्पण ये सारे अव्यक्त भाव बहते रहते हैं उस प्रेम की अन्तिम आयु तक क्योंकि आयु तो मनुष्य की होती है पर स्नेह,सानिध्य अनुराग,समर्पण मिलन,विछोह,संवेदना और प्रेम तो भाव है ना ?